vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व
»
अध्याय 22: माताके लिये पाण्डवोंकी चिन्ता, युधिष्ठिरकी वनमें जानेकी इच्छा, सहदेव और द्रौपदीका साथ जानेका उत्साह तथा रनिवास और सेनासहित युधिष्ठिरका वनको प्रस्थान
»
श्लोक 18
श्लोक
15.22.18
इत्युक्त: स नृपो देव्या द्रौपद्या भरतर्षभ।
सेनाध्यक्षान् समानाय्य सर्वानिदमुवाच ह॥ १८॥
अनुवाद
भारतभूषण! द्रौपदी देवी के ऐसा कहने पर राजा युधिष्ठिर ने सब सेनापतियों को बुलाकर कहा-॥18॥
Bharatbhushan! When Draupadi Devi said this, King Yudhishthira called all the army chiefs and said -॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×