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mahabharat 15.22.14: सहदेव के वचन सुनकर स्त्रियों में श्रेष्ठ रानी द्रौपदी ने राजा का स्वागत किया और प्रसन्न होकर कहा -   |   mahabharat अध्याय 15.22: माताके लिये पाण्डवोंकी चिन्ता, युधिष्ठिरकी वनमें जानेकी इच्छा, सहदेव और द्रौपदीका साथ जानेका उत्साह तथा रनिवास और सेनासहित युधिष्ठिरका वनको प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 22: माताके लिये पाण्डवोंकी चिन्ता, युधिष्ठिरकी वनमें जानेकी इच्छा, सहदेव और द्रौपदीका साथ जानेका उत्साह तथा रनिवास और सेनासहित युधिष्ठिरका वनको प्रस्थान  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  15.22.14 
सहदेववच: श्रुत्वा द्रौपदी योषितां वरा।
उवाच देवी राजानमभिपूज्याभिनन्द्य च॥ १४॥
 
 
अनुवाद
सहदेव के वचन सुनकर स्त्रियों में श्रेष्ठ रानी द्रौपदी ने राजा का स्वागत किया और प्रसन्न होकर कहा -
 
On hearing Sahadeva's words, Queen Draupadi, the best of women, welcomed the king and pleased him and said -
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)