Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.22.12: वही माता कुन्ती जो महलों और प्रासादों में पली-बढ़ी और अपार सुख-सुविधाओं का आनंद उठाया, अब थककर बहुत कष्ट सह रही होगी! मैं कब उसके दर्शन करूँगा?॥12॥ | mahabharat अध्याय 15.22: माताके लिये पाण्डवोंकी चिन्ता, युधिष्ठिरकी वनमें जानेकी इच्छा, सहदेव और द्रौपदीका साथ जानेका उत्साह तथा रनिवास और सेनासहित युधिष्ठिरका वनको प्रस्थान । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वही माता कुन्ती जो महलों और प्रासादों में पली-बढ़ी और अपार सुख-सुविधाओं का आनंद उठाया, अब थककर बहुत कष्ट सह रही होगी! मैं कब उसके दर्शन करूँगा?॥12॥
The same mother Kunti who grew up in palaces and mansions and enjoyed immense comforts, must now be exhausted and suffering a lot! When will I get to see her?॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥