Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.21.2: इसी प्रकार नगर के सभी लोग भी राजा धृतराष्ट्र के लिए निरन्तर शोक में रहते थे और वहाँ के ब्राह्मण सदैव बूढ़े राजा के विषय में इसी प्रकार की बातें करते रहते थे॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 15.21: धृतराष्ट्र आदिके लिये पाण्डवों तथा पुरवासियोंकी चिन्ता । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसी प्रकार नगर के सभी लोग भी राजा धृतराष्ट्र के लिए निरन्तर शोक में रहते थे और वहाँ के ब्राह्मण सदैव बूढ़े राजा के विषय में इसी प्रकार की बातें करते रहते थे॥ 2॥
Similarly, all the people of the city were also in constant grief for King Dhritarashtra and the Brahmins there always used to talk about the old king in this manner.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥