श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 20: नारदजीका प्राचीन राजर्षियोंकी तप:सिद्धिका दृष्टान्त देकर धृतराष्ट्रकी तपस्याविषयक श्रद्धाको बढ़ाना तथा शतयूपके पूछनेपर धृतराष्ट्रको मिलनेवाली गतिका भी वर्णन करना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  15.20.8 
स गत्वा तपस: पारं दीप्तस्य वसुधाधिप:।
पुरंदरस्य संस्थानं प्रतिपेदे महाद्युति:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
इस महाबली राजा ने अपनी घोर तपस्या पूर्ण करके इन्द्रलोक को प्राप्त किया।
 
This mighty king, after completing his intense penance, attained Indraloka. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)