श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 20: नारदजीका प्राचीन राजर्षियोंकी तप:सिद्धिका दृष्टान्त देकर धृतराष्ट्रकी तपस्याविषयक श्रद्धाको बढ़ाना तथा शतयूपके पूछनेपर धृतराष्ट्रको मिलनेवाली गतिका भी वर्णन करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  15.20.10 
तथा शैलालयो राजा भगदत्तपितामह:।
तपोबलेनैव नृपो महेन्द्रसदनं गत:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार भगदत्त के पिता महाराज शैलालय भी अपनी तपस्या के कारण इन्द्रलोक चले गये। 10॥
 
Similarly, Bhagadatta's father Maharaja Shailalaya also went to Indraloka due to his penance. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)