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यश्च कश्चिन्नर: किंचिदप्रियं वाम्बिकासुते॥ २६॥
कुरुते द्वेष्यतामेति स कौन्तेयस्य धीमत:।
अनुवाद
जो भी व्यक्ति राजा धृतराष्ट्र के प्रति थोड़ा भी अन्याय करेगा, वह बुद्धिमान कुंतीपुत्र युधिष्ठिर के द्वेष का पात्र बन जाएगा।
Any person who did even the slightest disservice to King Dhritarashtra would become the object of the hatred of the wise Yudhishthira, the son of Kunti. 26 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥