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श्री महाभारत
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पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व
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अध्याय 2: पाण्डवोंका धृतराष्ट्र और गान्धारीके अनुकूल बर्ताव
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श्लोक 10-11h
श्लोक
15.2.10-11h
ततस्ते सहिता: पञ्च भ्रातर: पाण्डुनन्दना:॥ १०॥
तथाशीला: समातस्थुर्धृतराष्ट्रस्य शासने।
अनुवाद
ऐसे आचरण और व्यवहार से पाँचों पाण्डव भाई धृतराष्ट्र की आज्ञा में एक साथ रहते थे ॥10 1/2॥
With such conduct and behavior, the five Pandava brothers lived together under the command of Dhritarashtra. ॥10 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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