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mahabharat 15.18.9: जब राजा धृतराष्ट्र ने यह कहा, तो सुबल की पुत्री गांधारी ने कुंती को राजा का आदेश सुनाया और उनसे वापस लौटने का आग्रह भी किया।   |   mahabharat अध्याय 15.18: पाण्डवोंका स्त्रियोंसहित निराश लौटना, कुन्तीसहित गान्धारी और धृतराष्ट्र आदिका मार्गमें गंगातटपर निवास करना   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  15.18.9 
इत्युक्ता सौबलेयी तु राज्ञा कुन्तीमुवाच ह।
तत् सर्वं राजवचनं स्वं च वाक्यं विशेषवत्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
जब राजा धृतराष्ट्र ने यह कहा, तो सुबल की पुत्री गांधारी ने कुंती को राजा का आदेश सुनाया और उनसे वापस लौटने का आग्रह भी किया।
 
When King Dhritarashtra said this, Gandhari, the daughter of Subala, conveyed the King's orders to Kunti and also insisted on their return.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)