Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.18.7: वह राज्य में रहते हुए भी तप कर सकती है और महान दान-व्रत करने में समर्थ हो सकती है; इसलिए उसे आज मेरी बात ध्यानपूर्वक सुननी चाहिए। | mahabharat अध्याय 15.18: पाण्डवोंका स्त्रियोंसहित निराश लौटना, कुन्तीसहित गान्धारी और धृतराष्ट्र आदिका मार्गमें गंगातटपर निवास करना । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह राज्य में रहते हुए भी तप कर सकती है और महान दान-व्रत करने में समर्थ हो सकती है; इसलिए उसे आज मेरी बात ध्यानपूर्वक सुननी चाहिए।
She can perform austerities even while living in the kingdom and can be capable of performing a great charity-vow; therefore she should listen to me carefully today. 7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥