Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 15.18.19-20h: तत्पश्चात् विदुर और संजय ने महाबली राजा धृतराष्ट्र के लिए गद्दियों का एक बिछौना बिछाया और उसके पास ही गांधारी के लिए एक अलग आसन रखा ॥19 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 15.18: पाण्डवोंका स्त्रियोंसहित निराश लौटना, कुन्तीसहित गान्धारी और धृतराष्ट्र आदिका मार्गमें गंगातटपर निवास करना   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 18: पाण्डवोंका स्त्रियोंसहित निराश लौटना, कुन्तीसहित गान्धारी और धृतराष्ट्र आदिका मार्गमें गंगातटपर निवास करना  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  15.18.19-20h 
विदुर: संजयश्चैव राज्ञ: शय्यां कुशैस्तत:॥ १९॥
चक्रतु: कुरुवीरस्य गान्धार्याश्चाविदूरत:।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् विदुर और संजय ने महाबली राजा धृतराष्ट्र के लिए गद्दियों का एक बिछौना बिछाया और उसके पास ही गांधारी के लिए एक अलग आसन रखा ॥19 1/2॥
 
Thereafter Vidur and Sanjaya spread a bed of cushions for the fierce king Dhritarashtra. A separate seat was placed near him for Gandhari. 19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)