Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.17.8: मैंने तुम्हें यह सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया था कि ये दोनों भाई, नकुल और सहदेव, जो सदैव अपने बड़ों की आज्ञा का पालन करने में तत्पर रहते हैं, भूख से पीड़ित न हों ॥8॥ | mahabharat अध्याय 15.17: कुन्तीका पाण्डवोंको उनके अनुरोधका उत्तर । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नकुल: सहदेवश्च तथेमौ गुरुवर्तिनौ।
क्षुधा कथं न सीदेतामिति चोद्धर्षणं कृतम्॥ ८॥
अनुवाद
मैंने तुम्हें यह सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया था कि ये दोनों भाई, नकुल और सहदेव, जो सदैव अपने बड़ों की आज्ञा का पालन करने में तत्पर रहते हैं, भूख से पीड़ित न हों ॥8॥
I had encouraged you to ensure that these two brothers, Nakula and Sahadeva, who are always devoted to following the instructions of their elders, do not suffer from hunger. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥