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mahabharat 15.16.5: महाराज धृतराष्ट्र ने कृपाचार्य और महान योद्धा युयुत्सु को युधिष्ठिर को सौंप दिया और उन्हें वापस कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 15.16: धृतराष्ट्रका पुरवासियोंको लौटाना और पाण्डवोंके अनुरोध करनेपर भी कुन्तीका वनमें जानेसे न रुकना   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  15.16.5 
कृपं निवर्तयामास युयुत्सुं च महारथम्।
धृतराष्ट्रो महीपाल: परिदाप्य युधिष्ठिरे॥ ५॥
 
 
अनुवाद
महाराज धृतराष्ट्र ने कृपाचार्य और महान योद्धा युयुत्सु को युधिष्ठिर को सौंप दिया और उन्हें वापस कर दिया।
 
Maharaja Dhritarashtra handed over Krupacharya and the great warrior Yuyutsu to Yudhishthira and returned them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)