Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.16.28: हे मेरी महिमामयी माता! आप प्रसन्न हों। कृपया हमें छोड़कर वन में न जाएँ। राजा युधिष्ठिर के राजसी धन का उपभोग करें, जिसे आपने बलपूर्वक प्राप्त किया है।॥28॥ | mahabharat अध्याय 15.16: धृतराष्ट्रका पुरवासियोंको लौटाना और पाण्डवोंके अनुरोध करनेपर भी कुन्तीका वनमें जानेसे न रुकना । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मेरी महिमामयी माता! आप प्रसन्न हों। कृपया हमें छोड़कर वन में न जाएँ। राजा युधिष्ठिर के राजसी धन का उपभोग करें, जिसे आपने बलपूर्वक प्राप्त किया है।॥28॥
My glorious mother! May you be pleased. Please do not leave us and go to the forest. Enjoy the royal wealth of King Yudhishthira which you have obtained by force.'॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥