Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.14.5-6: तत्पश्चात् उन महापुरुषों ने सब मृतकों के निमित्त एक-एक का नाम लेकर उपर्युक्त वस्तुएँ दान कीं। द्रोण, भीष्म, सोमदत्त, बाह्लीक, राजा दुर्योधन आदि पुत्रों तथा जयद्रथ आदि समस्त सम्बन्धियों का नाम लेकर उन सबके लिए पृथक्-पृथक् दान किया। | mahabharat अध्याय 15.14: राजा धृतराष्ट्रके द्वारा मृत व्यक्तियोंके लिये श्राद्ध एवं विशाल दान-यज्ञका अनुष्ठान । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उद्दिश्योद्दिश्य सर्वेभ्यो ददौ स नृपसत्तम:।
द्रोणं संकीर्त्य भीष्मं च सोमदत्तं च बाह्लिकम्॥ ५॥
दुर्योधनं च राजानं पुत्रांश्चैव पृथक् पृथक्।
जयद्रथपुरोगांश्च सुहृदश्चापि सर्वश:॥ ६॥
अनुवाद
तत्पश्चात् उन महापुरुषों ने सब मृतकों के निमित्त एक-एक का नाम लेकर उपर्युक्त वस्तुएँ दान कीं। द्रोण, भीष्म, सोमदत्त, बाह्लीक, राजा दुर्योधन आदि पुत्रों तथा जयद्रथ आदि समस्त सम्बन्धियों का नाम लेकर उन सबके लिए पृथक्-पृथक् दान किया।
After that, those great mortals donated the above mentioned things by taking each name of each one for the purpose of all the dead persons. Reciting the names of Drona, Bhishma, Somdatta, Bahlika, King Duryodhana and other sons and all the relatives like Jayadratha, he made donations separately for them all. 5-6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥