vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व
»
अध्याय 14: राजा धृतराष्ट्रके द्वारा मृत व्यक्तियोंके लिये श्राद्ध एवं विशाल दान-यज्ञका अनुष्ठान
»
श्लोक 16
श्लोक
15.14.16
परिश्रान्तो यदासीत् स ददद् दानान्यनेकश:।
निवर्तयामास तदा दानयज्ञं नराधिप:॥ १६॥
अनुवाद
जब राजा धृतराष्ट्र अनेक प्रकार के दान देकर बहुत थक गये, तब उन्होंने वह दान-यज्ञ बंद कर दिया।
When King Dhritarashtra became very tired of giving various types of donations, then he stopped that donation-sacrifice.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×