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mahabharat 15.12.7: तब बुद्धिमान युधिष्ठिर ने विदुर से कहा- 'चाचा! राजा धृतराष्ट्र को भीमसेन पर क्रोध नहीं करना चाहिये। 7॥   |   mahabharat अध्याय 15.12: अर्जुनका भीमको समझाना और युधिष्ठिरका धृतराष्ट्रको यथेष्ट धन देनेकी स्वीकृति प्रदान करना   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  15.12.7 
तत: स विदुरं धीमान् वाक्यमाह युधिष्ठिर:।
भीमसेने न कोपं स नृपति: कर्तुमर्हति॥ ७॥
 
 
अनुवाद
तब बुद्धिमान युधिष्ठिर ने विदुर से कहा- 'चाचा! राजा धृतराष्ट्र को भीमसेन पर क्रोध नहीं करना चाहिये। 7॥
 
Then the wise Yudhishthir said to Vidura - 'Uncle! King Dhritarashtra should not be angry at Bhimsen. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)