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श्लोक  15.11.6-7h 
एतच्छ्रुत्वा तु वचनं विदुरस्य युधिष्ठिर:॥ ६॥
हृष्ट: सम्पूजयामास गुडाकेशश्च पाण्डव:।
 
 
अनुवाद
विदुर के ये वचन सुनकर युधिष्ठिर और पाण्डवपुत्र अर्जुन बहुत प्रसन्न हुए और उनकी स्तुति करने लगे।
 
Hearing these words from Vidur, Yudhishthira and Pandava's son Arjuna became very happy and started praising him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)