दृष्टिप्रदानमपि ते पाण्डवान् प्रति नो वृथा॥ ३९॥
समर्थास्त्रिदिवस्यापि पालने किं पुन:क्षिते:।
अनुवाद
आप हमें पालने के लिए पाण्डवों को सौंप रहे हैं, परन्तु यह सब व्यर्थ है। ये पाण्डव तो स्वर्ग पर भी शासन करने में समर्थ हैं; फिर इस पृथ्वी का क्या प्रयोजन है?॥39 1/2॥
‘You are entrusting us to the Pandavas for our care, but all this is futile. These Pandavas are capable of ruling even heaven; then what is the point of this earth?॥ 39 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥