लभतां वीरलोकं स ससहायो नराधिप:॥ ३७॥
द्विजाग्रॺै: समनुज्ञातस्त्रिदिवे मोदतां सुखम्।
अनुवाद
‘इन श्रेष्ठ ब्राह्मणों के आशीर्वाद से राजा दुर्योधन अपने सहायकों सहित वीरलोक को प्राप्त हों और स्वर्ग में सुख और आनन्द का उपभोग करें।॥37 1/2॥
‘May King Duryodhana along with his assistants attain Veerloka with the blessings of these excellent Brahmins and enjoy the happiness and bliss in heaven.॥ 37 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥