Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.10.23-24: ‘यज्ञों में बड़ी-बड़ी दक्षिणा देने वाले ये धर्मात्मा राजा युधिष्ठिर प्राचीन काल के धर्मात्मा राजाओं, कुरु और संवरण आदि ऋषियों तथा बुद्धिमान राजा भरत के आचरण का अनुसरण करते हैं ॥23-24॥ | mahabharat अध्याय 15.10: प्रजाकी ओरसे साम्ब नामक ब्राह्मणका धृतराष्ट्रको सान्त्वनापूर्ण उत्तर देना । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘यज्ञों में बड़ी-बड़ी दक्षिणा देने वाले ये धर्मात्मा राजा युधिष्ठिर प्राचीन काल के धर्मात्मा राजाओं, कुरु और संवरण आदि ऋषियों तथा बुद्धिमान राजा भरत के आचरण का अनुसरण करते हैं ॥23-24॥
‘This pious king Yudhishthira, who gives huge dakshina in yagyas, follows the behavior of the virtuous kings of ancient times, sages Kuru and Samvarana etc. and the wise king Bharata. 23-24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥