श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 10: प्रजाकी ओरसे साम्ब नामक ब्राह्मणका धृतराष्ट्रको सान्त्वनापूर्ण उत्तर देना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  15.10.16 
पितृवद् भ्रातृवच्चैव भवन्त: पालयन्ति न:।
न च दुर्योधन: किंचिदयुक्तं कृतवान् नृप:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
आप सबने हमारा पिता और बड़े भाई के समान पालन-पोषण किया है। राजा दुर्योधन ने भी हमारे साथ कभी अन्याय नहीं किया है॥16॥
 
‘You all have looked after us like a father and an elder brother. Even King Duryodhana has never treated us unfairly.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)