Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 15.10.11-12: वह ब्राह्मण देवता सदाचारी, सबके द्वारा आदरणीय और अर्थशास्त्र में निपुण था। उसका नाम साम्ब था। वह वेदों का विद्वान, निर्भय होकर बोलने वाला और बुद्धिमान था। उसने महाराज का आदर किया और सारी सभा को प्रसन्न करके बोलने के लिए तैयार हुआ। उसने राजा से इस प्रकार कहा -॥11-12॥ | mahabharat अध्याय 15.10: प्रजाकी ओरसे साम्ब नामक ब्राह्मणका धृतराष्ट्रको सान्त्वनापूर्ण उत्तर देना । mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह ब्राह्मण देवता सदाचारी, सबके द्वारा आदरणीय और अर्थशास्त्र में निपुण था। उसका नाम साम्ब था। वह वेदों का विद्वान, निर्भय होकर बोलने वाला और बुद्धिमान था। उसने महाराज का आदर किया और सारी सभा को प्रसन्न करके बोलने के लिए तैयार हुआ। उसने राजा से इस प्रकार कहा -॥11-12॥
That Brahmin god was of virtuous conduct, respected by all and was proficient in economics, his name was Samba. He was a scholar of Vedas, spoke fearlessly and was intelligent. He gave respect to Maharaj and after pleasing the entire assembly, he prepared to speak. He spoke to the king in this manner -॥ 11-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥