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mahabharat 15.1.9: द्रौपदी, सुभद्रा तथा पाण्डवों की अन्य स्त्रियाँ भी कुन्ती तथा गान्धारी दोनों की सासों की समान भक्ति से सेवा करती थीं॥9॥   |   mahabharat अध्याय 15.1: भाइयोंसहित युधिष्ठिर तथा कुन्ती आदि देवियोंके द्वारा धृतराष्ट्र और गान्धारीकी सेवा   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 1: भाइयोंसहित युधिष्ठिर तथा कुन्ती आदि देवियोंके द्वारा धृतराष्ट्र और गान्धारीकी सेवा  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  15.1.9 
द्रौपदी च सुभद्रा च याश्चान्या: पाण्डवस्त्रिय:।
समां वृत्तिमवर्तन्त तयो: श्वश्र्वोर्यथाविधि॥ ९॥
 
 
अनुवाद
द्रौपदी, सुभद्रा तथा पाण्डवों की अन्य स्त्रियाँ भी कुन्ती तथा गान्धारी दोनों की सासों की समान भक्ति से सेवा करती थीं॥9॥
 
Draupadi, Subhadra and other women of Pandavas also used to serve both Kunti and Gandhari's mother-in-law with equal devotion. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)