श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 1: भाइयोंसहित युधिष्ठिर तथा कुन्ती आदि देवियोंके द्वारा धृतराष्ट्र और गान्धारीकी सेवा  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  15.1.6 
पाण्डवा: सर्वकार्याणि सम्पृच्छन्ति स्म तं नृपम्।
चक्रुस्तेनाभ्यनुज्ञाता वर्षाणि दश पञ्च च॥ ६॥
 
 
अनुवाद
पाण्डव अपने सब कार्यों में राजा धृतराष्ट्र की सलाह लेते थे और उनकी आज्ञा लेकर ही प्रत्येक कार्य करते थे। इस प्रकार उन्होंने पंद्रह वर्ष तक राज्य किया॥6॥
 
The Pandavas used to seek the advice of King Dhritarashtra in all their works and used to do every work after taking his permission. In this way they ruled the kingdom for fifteen years.॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)