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mahabharat 15.1.16: विदुर की उत्तम नीति के कारण उनके अनेक प्रिय कार्य सामन्तों (सीमावर्ती प्रदेशों के राजाओं) की भाँति बहुत कम खर्च में ही संपन्न हो गए।॥16॥   |   mahabharat अध्याय 15.1: भाइयोंसहित युधिष्ठिर तथा कुन्ती आदि देवियोंके द्वारा धृतराष्ट्र और गान्धारीकी सेवा   ।   mahabharat पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 15: आश्रमवासिक पर्व  »  अध्याय 1: भाइयोंसहित युधिष्ठिर तथा कुन्ती आदि देवियोंके द्वारा धृतराष्ट्र और गान्धारीकी सेवा  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  15.1.16 
सामन्तेभ्य: प्रियाण्यस्य कार्याणि सुबहून्यपि।
प्राप्यन्तेऽर्थै: सुलघुभि: सुनयाद् विदुरस्य वै॥ १६॥
 
 
अनुवाद
विदुर की उत्तम नीति के कारण उनके अनेक प्रिय कार्य सामन्तों (सीमावर्ती प्रदेशों के राजाओं) की भाँति बहुत कम खर्च में ही संपन्न हो गए।॥16॥
 
Due to Vidur's good policy, many of his favourite works were accomplished at a very low cost like the feudal lords (kings of the border areas).॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)