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mahabharat 14.97.d74: जो ब्राह्मणों को पैरों में लगाने के लिए मलहम, सिर पर मलने के लिए तेल, पैर धोने के लिए जल और पीने के लिए शर्बत देते हैं, वे घोड़े पर सवार होकर यमलोक जाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 14.97: यमलोकके मार्गका कष्ट और उससे बचनेके उपाय   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.97.d74 
पादाभ्यङ्गं शिरोऽभ्यङ्गं पानं पादोदकं तथा।
ये प्रयच्छन्ति विप्रेभ्यस्ते यान्त्यैश्वैर्यमालयम्॥
 
 
अनुवाद
जो ब्राह्मणों को पैरों में लगाने के लिए मलहम, सिर पर मलने के लिए तेल, पैर धोने के लिए जल और पीने के लिए शर्बत देते हैं, वे घोड़े पर सवार होकर यमलोक जाते हैं।
 
Those who give the Brahmins ointment to apply on their feet, oil to rub on their head, water to wash their feet and sherbet to drink, they travel to Yamaloka on horseback.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)