Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.97.d51-d52: जो लोग ब्राह्मणों और विशेषतः श्रोत्रियों को कपिला आदि गौओं का दान करते रहते हैं, वे शुद्ध कान्ति वाले बैलों द्वारा खींचे जाने वाले विमानों में बैठकर यमलोक को जाते हैं। वहाँ अप्सराएँ उनकी सेवा करती हैं। | mahabharat अध्याय 14.97: यमलोकके मार्गका कष्ट और उससे बचनेके उपाय । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कपिलाद्यानि पुण्यानि गोप्रदानानि ये नरा:।
ब्राह्मणेभ्य: प्रयच्छन्ति श्रोत्रियेभ्यो विशेषत:॥
ते यान्त्यमलवर्णाभैर्विमानैर्वृषयोजितै:।
वैवस्वतपुरं प्राप्य ह्यप्सरोभिर्निषेविता:॥
अनुवाद
जो लोग ब्राह्मणों और विशेषतः श्रोत्रियों को कपिला आदि गौओं का दान करते रहते हैं, वे शुद्ध कान्ति वाले बैलों द्वारा खींचे जाने वाले विमानों में बैठकर यमलोक को जाते हैं। वहाँ अप्सराएँ उनकी सेवा करती हैं।
Those who keep on making sacred donations of cows like Kapila etc. to Brahmins and especially to Shrotris, they go to Yamaloka sitting in planes drawn by bulls of pure lustre. There Apsaras serve them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥