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श्लोक  14.96.d3 
बीजयोनिविशुद्धानां लक्षणानि वदस्व मे।
बीजदोषेण लोकेश जायन्ते च कथं नरा:॥
 
 
अनुवाद
जगदीश्वर! कृपया मुझे बताइए कि बीज और योनि (वीर्य और रजोधर्म) से शुद्ध पुरुषों के क्या लक्षण हैं? बीज-दोष से पुरुष कैसे उत्पन्न होते हैं?'
 
‘Jagadishwar! Please tell me what are the characteristics of pure men from seed and vagina (semen and menstruation)? How are men born from seed-defects?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)