Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.93.d58: प्रलयकाल में जब सम्पूर्ण दृश्यमान जगत् दीपक की भाँति लुप्त हो जाता है, तब वे मुझ अदृश्य और खोज योग्य की गति का पता नहीं लगा सकते। | mahabharat अध्याय 14.93: युधिष्ठिरका वैष्णव-धर्मविषयक प्रश्न और भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा धर्मका तथा अपनी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रलयकाल में जब सम्पूर्ण दृश्यमान जगत् दीपक की भाँति लुप्त हो जाता है, तब वे मुझ अदृश्य और खोज योग्य की गति का पता नहीं लगा सकते।
At the time of devastation, when the entire visible world vanishes like a lamp dimming, then they cannot find out the movement of me, who is invisible and worth searching for.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥