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स्थित्युत्पत्त्यव्ययकरं यो मां ज्ञात्वा प्रपद्यते।
अनुगृह्णाम्यहं तं वै संसारान्मोचयामि च॥
अनुवाद
जो कोई भी मुझको संसार की उत्पत्ति, स्थिति और संहार का कारण जानकर मेरी शरण में आता है, मैं उस पर कृपा करता हूँ और उसे संसार के बंधन से मुक्त कर देता हूँ।
Whoever takes refuge in me knowing me to be the cause of the creation, sustenance and destruction of the world, I shower my grace upon him and liberate him from the bondage of the world.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥