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mahabharat 14.93.d1: जनमेजय ने पूछा - हे ब्रह्मन! पूर्वकाल में जब मेरे दादा महाराज युधिष्ठिर का अश्वमेध यज्ञ पूर्ण हो गया, तब धर्म के विषय में संदेह होने पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से क्या प्रश्न पूछा था?   |   mahabharat अध्याय 14.93: युधिष्ठिरका वैष्णव-धर्मविषयक प्रश्न और भगवान‍् श्रीकृष्णके द्वारा धर्मका तथा अपनी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.93.d1 
जनमेजय उवाच
अश्वमेधे पुरा वृत्ते केशवं केशिसूदनम्।
धर्मसंशयमुद्दिश्य किमपृच्छत् पितामह:॥
 
 
अनुवाद
जनमेजय ने पूछा - हे ब्रह्मन! पूर्वकाल में जब मेरे दादा महाराज युधिष्ठिर का अश्वमेध यज्ञ पूर्ण हो गया, तब धर्म के विषय में संदेह होने पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से क्या प्रश्न पूछा था?
 
Janamejaya asked - O Brahman! In the past, when my grandfather Maharaja Yudhishthira's Ashwamedha Yagna was completed, what question did he ask Lord Krishna when he had doubts about Dharma?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)