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mahabharat 14.92.29: वे महर्षि उस ऋषि की आध्यात्मिक शक्ति देखकर बहुत प्रसन्न हुए। यह देखकर वे सब लोग आश्चर्यचकित हो गए और बड़े अर्थपूर्ण वचन बोले।   |   mahabharat अध्याय 14.92: महर्षि अगस्त्यके यज्ञकी कथा   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 92: महर्षि अगस्त्यके यज्ञकी कथा  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  14.92.29 
ततस्ते मुनयो हृष्टा ददृशुस्तपसो बलम्।
विस्मिता वचनं प्राहुरिदं सर्वे महार्थवत्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
वे महर्षि उस ऋषि की आध्यात्मिक शक्ति देखकर बहुत प्रसन्न हुए। यह देखकर वे सब लोग आश्चर्यचकित हो गए और बड़े अर्थपूर्ण वचन बोले।
 
Those great sages were very happy to see the spiritual power of the sage. Seeing this, all of them were astonished and spoke such words full of great meaning.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)