Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.92.25-26h: दिव्य अप्सराओं, गन्धर्वों, किन्नरों, विश्वावसु तथा अन्य प्रमुख गन्धर्वों का समुदाय, वे सभी यहाँ आकर मेरे यज्ञ की पूजा करें। 25 1/2॥ | mahabharat अध्याय 14.92: महर्षि अगस्त्यके यज्ञकी कथा । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दिव्याश्चाप्सरसां संघा गन्धर्वाश्च सकिन्नरा:॥ २५॥
विश्वावसुश्च ये चान्ये तेऽप्युपासन्तु मे मखम्।
अनुवाद
दिव्य अप्सराओं, गन्धर्वों, किन्नरों, विश्वावसु तथा अन्य प्रमुख गन्धर्वों का समुदाय, वे सभी यहाँ आकर मेरे यज्ञ की पूजा करें। 25 1/2॥
The community of divine Apsaras, Gandharvas, Kinnars, Vishvavasu and other prominent Gandharvas, all of them should come here and worship my yajna. 25 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥