Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.91.4: हजार नेत्रों वाले परम तेजस्वी देवराज इन्द्र ने अनेक दक्षिणाओं सहित अनेक यज्ञ करके देवताओं का सम्पूर्ण साम्राज्य प्राप्त कर लिया था॥4॥   |   mahabharat अध्याय 14.91: हिंसामिश्रित यज्ञ और धर्मकी निन्दा   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 91: हिंसामिश्रित यज्ञ और धर्मकी निन्दा  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  14.91.4 
देवराज: सहस्राक्ष: क्रतुभिर्भूरिदक्षिणै:।
देवराज्यं महातेजा: प्राप्तवानखिलं विभु:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हजार नेत्रों वाले परम तेजस्वी देवराज इन्द्र ने अनेक दक्षिणाओं सहित अनेक यज्ञ करके देवताओं का सम्पूर्ण साम्राज्य प्राप्त कर लिया था॥4॥
 
Lord Indra, the most brilliant king of gods with a thousand eyes, had obtained the entire empire of the gods by performing numerous yagyas with many Dakshinas. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)