जो ब्राह्मण पाप कर्मों से धन प्राप्त करके दुराचारी हो जाता है और आसक्ति तथा मोह से ग्रस्त हो जाता है, वह अन्त में कलंकित गति को प्राप्त होता है ॥29॥
A Brahmin who, after acquiring wealth through sinful acts, becomes unruly and is overcome by attachment and infatuation, ultimately attains a tainted state. ॥ 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥