श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 91: हिंसामिश्रित यज्ञ और धर्मकी निन्दा  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  14.91.23 
एवमुक्त्वा स नृपति: प्रविवेश रसातलम्।
उक्त्वाथ वितथं प्रश्नं चेदीनामीश्वर: प्रभु:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर तथा मिथ्या निर्णय देकर चेदिराज वसु को पाताल लोक जाना पड़ा।23.
 
By saying this and giving a false decision, Chediraj Vasu had to go to the underworld. 23.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)