श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 91: हिंसामिश्रित यज्ञ और धर्मकी निन्दा  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  14.91.21 
महाभाग कथं यज्ञेष्वागमो नृपसत्तम।
यष्टव्यं पशुभिर्मुख्यैरथो बीजै रसैरिति॥ २१॥
 
 
अनुवाद
महाभाग नृपश्रेष्ठ! यज्ञ के विषय में शास्त्रों का क्या मत है? यज्ञ मुख्यतः पशुओं द्वारा किया जाना चाहिए या बीजों और रसों द्वारा? 21॥
 
‘Mahabhaga Nripashrestha! What is the opinion of the scriptures regarding yagyas? Should the Yagya be performed mainly through animals or through seeds and juices? 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)