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mahabharat 14.91.19-20: भरतनन्दन! जब वे मुनि इस विवाद से अत्यन्त दुःखी हो गये, तब उन्होंने इन्द्र से परामर्श करके राजा उपरिचर वसु से इस विषय में पूछा - 'महामते! हम धर्म के विषय में संशय में हैं। कृपा करके हमें सत्य बात बताइये।' 19-20॥   |   mahabharat अध्याय 14.91: हिंसामिश्रित यज्ञ और धर्मकी निन्दा   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 91: हिंसामिश्रित यज्ञ और धर्मकी निन्दा  »  श्लोक 19-20
 
 
श्लोक  14.91.19-20 
ते तु खिन्ना विवादेन ऋषयस्तत्त्वदर्शिन:॥ १९॥
तदा संधाय शक्रेण पप्रच्छुर्नृपतिं वसुम्।
धर्मसंशयमापन्नान् सत्यं ब्रूहि महामते॥ २०॥
 
 
अनुवाद
भरतनन्दन! जब वे मुनि इस विवाद से अत्यन्त दुःखी हो गये, तब उन्होंने इन्द्र से परामर्श करके राजा उपरिचर वसु से इस विषय में पूछा - 'महामते! हम धर्म के विषय में संशय में हैं। कृपा करके हमें सत्य बात बताइये।' 19-20॥
 
Bharatnandan! When that wise sage became very upset with this dispute, then he consulted with Indra and asked King Uparichar Vasu about this matter - 'Mahamate! We are in doubt about religion. Please tell us the truth. 19-20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)