Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.89.31: महाराज! वहाँ आये हुए समस्त राजाओं से घिरे हुए पाण्डव ऐसे शोभायमान हो रहे थे, मानो नक्षत्रों से घिरे हुए ग्रह सुशोभित हों॥31॥ | mahabharat अध्याय 14.89: युधिष्ठिरका ब्राह्मणोंको दक्षिणा देना और राजाओंको भेंट देकर विदा करना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पाण्डवाश्च महीपालै: समेतैरभिसंवृता:।
अशोभन्त महाराज ग्रहास्तारागणैरिव॥ ३१॥
अनुवाद
महाराज! वहाँ आये हुए समस्त राजाओं से घिरे हुए पाण्डव ऐसे शोभायमान हो रहे थे, मानो नक्षत्रों से घिरे हुए ग्रह सुशोभित हों॥31॥
Maharaj! The Pandavas, surrounded by all the kings who had come there, were looking so beautiful, as if the planets were decorated surrounded by stars. ॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥