Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.89.27: तत्पश्चात् सब ब्राह्मण प्रसन्नतापूर्वक अपने घर चले गए। बुद्धिमान धर्मराज युधिष्ठिर ने उस धन से उन सबको पूर्णतः संतुष्ट कर दिया था॥27॥   |   mahabharat अध्याय 14.89: युधिष्ठिरका ब्राह्मणोंको दक्षिणा देना और राजाओंको भेंट देकर विदा करना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 89: युधिष्ठिरका ब्राह्मणोंको दक्षिणा देना और राजाओंको भेंट देकर विदा करना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  14.89.27 
ततस्ते ब्राह्मणा: सर्वे मुदिता जग्मुरालयान्।
तर्पिता वसुना तेन धर्मराजेन धीमता॥ २७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् सब ब्राह्मण प्रसन्नतापूर्वक अपने घर चले गए। बुद्धिमान धर्मराज युधिष्ठिर ने उस धन से उन सबको पूर्णतः संतुष्ट कर दिया था॥27॥
 
After that all the Brahmins went to their homes happily. The wise Dharmaraja Yudhishthir had completely satisfied them all with that wealth. 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)