Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.89.14-15h: उनके ऐसा कहने पर भीमसेन तथा अन्य भाइयों और द्रौपदी ने एक स्वर में कहा- ‘हां, महाराज जो कहते हैं, वह ठीक है।’ इस महान यज्ञ के विषय में सुनकर सबके रोंगटे खड़े हो गए। | mahabharat अध्याय 14.89: युधिष्ठिरका ब्राह्मणोंको दक्षिणा देना और राजाओंको भेंट देकर विदा करना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इत्युक्तवति तस्मिंस्तु भ्रातरो द्रौपदी च सा॥ १४॥
एवमेतदिति प्राहुस्तदभूल्लोमहर्षणम्।
अनुवाद
उनके ऐसा कहने पर भीमसेन तथा अन्य भाइयों और द्रौपदी ने एक स्वर में कहा- ‘हां, महाराज जो कहते हैं, वह ठीक है।’ इस महान यज्ञ के विषय में सुनकर सबके रोंगटे खड़े हो गए।
On his saying this, Bhimasena and other brothers and Draupadi said in one voice - 'Yes, what Maharaja says is correct.' Hearing about this great sacrifice, everyone's hair stood on end. 14 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥