श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 87: अर्जुनके विषयमें श्रीकृष्ण और युधिष्ठिरकी बातचीत, अर्जुनका हस्तिनापुरमें जाना तथा उलूपी और चित्राङ्गदाके साथ बभ्रुवाहनका आगमन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  14.87.7 
इत्युक्त: स हृषीकेशो ध्यात्वा सुमहदुत्तरम्।
राजानं भोजराजन्यवर्धनो विष्णुरब्रवीत्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर के इस प्रकार पूछने पर भोजवंशी क्षत्रियों की संख्या बढ़ाने वाले भगवान हृषीकेश विष्णु ने बहुत देर तक विचार करके राजा युधिष्ठिर से इस प्रकार कहा- ॥7॥
 
On Yudhishthira asking in this manner, Lord Hrishikesh Vishnu, the one who increased the number of Bhojvanshi Kshatriyas, after thinking for a long time, said to King Yudhishthira thus – ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)