श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 87: अर्जुनके विषयमें श्रीकृष्ण और युधिष्ठिरकी बातचीत, अर्जुनका हस्तिनापुरमें जाना तथा उलूपी और चित्राङ्गदाके साथ बभ्रुवाहनका आगमन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  14.87.2 
बहूनि किल युद्धानि विजयस्य नराधिपै:।
पुनरासन् हृषीकेश तत्र तत्र च मे श्रुतम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
हृषीकेश! मैंने सुना है कि अर्जुन को अनेक देशों के राजाओं के साथ अनेक युद्ध करने पड़े हैं॥ 2॥
 
Hrishikesha! I have heard that Arjuna has had to fight many wars with the kings of different countries.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)