vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
»
अध्याय 87: अर्जुनके विषयमें श्रीकृष्ण और युधिष्ठिरकी बातचीत, अर्जुनका हस्तिनापुरमें जाना तथा उलूपी और चित्राङ्गदाके साथ बभ्रुवाहनका आगमन
»
श्लोक 2
श्लोक
14.87.2
बहूनि किल युद्धानि विजयस्य नराधिपै:।
पुनरासन् हृषीकेश तत्र तत्र च मे श्रुतम्॥ २॥
अनुवाद
हृषीकेश! मैंने सुना है कि अर्जुन को अनेक देशों के राजाओं के साथ अनेक युद्ध करने पड़े हैं॥ 2॥
Hrishikesha! I have heard that Arjuna has had to fight many wars with the kings of different countries.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×