Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.86.9: हे राजन! द्वारका से एक विश्वासपात्र व्यक्ति मेरे पास आया था। उसने अपनी आँखों से पाण्डवों में श्रेष्ठ अर्जुन को देखा था। वह अनेक स्थानों पर युद्ध करने के कारण अत्यन्त दुर्बल हो गया है।॥9॥ | mahabharat अध्याय 14.86: राजा युधिष्ठिरका भीमसेनको राजाओंकी पूजा करनेका आदेश और श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे अर्जुनका संदेश कहना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! द्वारका से एक विश्वासपात्र व्यक्ति मेरे पास आया था। उसने अपनी आँखों से पाण्डवों में श्रेष्ठ अर्जुन को देखा था। वह अनेक स्थानों पर युद्ध करने के कारण अत्यन्त दुर्बल हो गया है।॥9॥
‘O King! A trustworthy person from Dwarka came to me. He had seen with his own eyes Arjuna, the best of the Pandavas. He has become very weak due to fighting in many places.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥