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mahabharat 14.86.8: यह सुनकर धर्मपुत्र कुन्तीकुमार युधिष्ठिर ने उनसे अपने शत्रु इन्द्रकुमार अर्जुन के विषय में बार-बार पूछा। तब जगदीश्वर भगवान श्रीकृष्ण उनसे इस प्रकार बोले-॥ 8॥   |   mahabharat अध्याय 14.86: राजा युधिष्ठिरका भीमसेनको राजाओंकी पूजा करनेका आदेश और श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे अर्जुनका संदेश कहना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 86: राजा युधिष्ठिरका भीमसेनको राजाओंकी पूजा करनेका आदेश और श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे अर्जुनका संदेश कहना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  14.86.8 
स तं पप्रच्छ कौन्तेय: पुन: पुनररिंदमम्।
धर्मज: शक्रजं जिष्णुं समाचष्ट जगत‍्पति:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर धर्मपुत्र कुन्तीकुमार युधिष्ठिर ने उनसे अपने शत्रु इन्द्रकुमार अर्जुन के विषय में बार-बार पूछा। तब जगदीश्वर भगवान श्रीकृष्ण उनसे इस प्रकार बोले-॥ 8॥
 
Hearing this, Dharma's son Kuntikumar Yudhishthir repeatedly asked him about his enemy Indrakumar Arjun. Then Jagadishwar Lord Shri Krishna spoke to him like this -॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)