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श्लोक  14.86.6 
तेषामपि परां पूजां चक्रे भीमो महारथ:।
विविशुस्ते च वेश्मानि रत्नवन्ति च सर्वश:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
महारथी भीमसेन ने उनका आदरपूर्वक स्वागत किया और वे रत्नों से भरे हुए घरों में जाकर रहने लगे।
 
Maharathi Bhimasena welcomed them with due respect. Then they went and started living in houses filled with gems.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)