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mahabharat 14.86.4-5: इसके बाद समस्त प्राणियों में श्रेष्ठ भगवान श्रीकृष्ण सात्यकि, प्रद्युम्न, गद, निषथ, साम्ब तथा कृतवर्मा आदि वृष्णिवंशियों को साथ लेकर बलदेवजी को आगे करके युधिष्ठिर के पास आये। 4-5॥   |   mahabharat अध्याय 14.86: राजा युधिष्ठिरका भीमसेनको राजाओंकी पूजा करनेका आदेश और श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे अर्जुनका संदेश कहना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 86: राजा युधिष्ठिरका भीमसेनको राजाओंकी पूजा करनेका आदेश और श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे अर्जुनका संदेश कहना  »  श्लोक 4-5
 
 
श्लोक  14.86.4-5 
अथाभ्यगच्छद्‍गोविन्दो वृष्णिभि: सह धर्मजम्।
बलदेवं पुरस्कृत्य सर्वप्राणभृतां वर:॥ ४॥
युयुधानेन सहित: प्रद्युम्नेन गदेन च।
निशठेनाथ साम्बेन तथैव कृतवर्मणा॥ ५॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद समस्त प्राणियों में श्रेष्ठ भगवान श्रीकृष्ण सात्यकि, प्रद्युम्न, गद, निषथ, साम्ब तथा कृतवर्मा आदि वृष्णिवंशियों को साथ लेकर बलदेवजी को आगे करके युधिष्ठिर के पास आये। 4-5॥
 
After this, Lord Shri Krishna, the best among all living beings, came to Yudhishthir along with the Vrishni descendants like Satyaki, Pradyumna, Gad, Nishath, Samba and Kritavarma etc. with Baldevji in front. 4-5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)