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mahabharat 14.86.3: महाप्रतापी राजा युधिष्ठिर की आज्ञा पाकर पाण्डुपुत्र पराक्रमी भीमसेन ने नकुल और सहदेव के साथ मिलकर समस्त राजाओं का यथोचित सत्कार किया।   |   mahabharat अध्याय 14.86: राजा युधिष्ठिरका भीमसेनको राजाओंकी पूजा करनेका आदेश और श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे अर्जुनका संदेश कहना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.86.3 
इत्युक्त: स तथा चक्रे नरेन्द्रेण यशस्विना।
भीमसेनो महातेजा यमाभ्यां सह पाण्डव:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
महाप्रतापी राजा युधिष्ठिर की आज्ञा पाकर पाण्डुपुत्र पराक्रमी भीमसेन ने नकुल और सहदेव के साथ मिलकर समस्त राजाओं का यथोचित सत्कार किया।
 
Upon the orders of the illustrious King, the mighty Bhimasena, son of Pandu, along with Nakula and Sahadeva, honoured all the kings appropriately as per the orders of Yudhishthira.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)