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श्लोक  14.86.20 
तं भवान् मदपेक्षार्थं विधिवत् प्रतिपूजयेत्।
स तु भक्तोऽनुरक्तश्च मम नित्यमिति प्रभो॥ २०॥
 
 
अनुवाद
"प्रभु ! मेरे प्रति उनकी सदैव बड़ी भक्ति और भक्ति रहती है। अतः आप मेरी अपेक्षा नियमानुसार उनका विशेष सम्मान करें।"॥ 20॥
 
“Prabhu! He always has great devotion and devotion towards me. Therefore, please honour him specially as per the rules in comparison to me.”॥ 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)